भूटान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के पीछे जो भी साजिशकर्ता हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस हमले को देश की सुरक्षा पर कायराना वार बताते हुए स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे कृत्यों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर कायम है।
भूटान की राजधानी थिम्फू में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं कल रात भर इस घटना की जांच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में था। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक पहुँचेंगी और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।” उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और कोई भी आतंकी संगठन हमारे देश की शांति को भंग नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और व्यापक बनाएगा। “जो भारत को डराने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि नया भारत हर चुनौती का डटकर मुकाबला करता है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
भूटान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान न केवल पड़ोसी बल्कि विश्वसनीय साझेदार हैं, जो क्षेत्र में शांति और प्रगति के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
मोदी ने भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि “न्याय अवश्य होगा और दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।”
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और जांच की गति और तेज कर दी गई है।