NEET 2026 Paper Leak : 22 लाख छात्रों का भविष्य दाव पर

National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया। साथ ही सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी।

Rajasthan SOG ने paper leak के मास्टरमाइंड Manish Yadav और Rakesh Mandavriya को गिरफ्तार किया। एक NEET उम्मीदवार के परिवार के सदस्य को भी हिरासत में लिया गया। इसके अलावा 22 लाख से ज़्यादा छात्र इस घटना से सीधे प्रभावित हुए।

3 मई 2026 NEET UG 2026 परीक्षा हुई | उसके बाद Paper leak के आरोप सामने आए | 12 मई 2026 NTA ने परीक्षा रद्द की, CBI जांच के आदेश | जून 2026 (संभावित) | Re-exam होने की उम्मीद |

Paper leak का मामला Rajasthan से सामने आया जहाँ SOG को एक हस्तलिखित guess paper मिला जिसके सवाल असली NEET paper से मेल खाते थे। हालांकि इसका असर पूरे भारत के छात्रों पर पड़ा।

Rajasthan SOG को एक हस्तलिखित guess paper मिला जिसके 120 सवाल असली NEET paper से मेल खाते थे — जिनमें 90 Biology और 30 Chemistry के सवाल थे। NTA ने कहा कि परीक्षा रद्द करने का फैसला छात्रों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर भरोसे को बनाए रखने के लिए लिया गया।

NTA ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जांच के निष्कर्षों के आधार पर यह फैसला लिया। फिर पूरा मामला CBI को सौंप दिया गया और re-exam की घोषणा की गई।

NEET यानी National Eligibility cum Entrance Test — यह भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। जो छात्र डॉक्टर बनना चाहते हैं उन्हें MBBS, BDS जैसे कोर्स में दाखिले के लिए यह परीक्षा देनी होती है। लाखों छात्र सालों की मेहनत करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं।

3 मई 2026 को पूरे देश में NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित की गई जिसमें 22 लाख से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। यह परीक्षा NTA यानी National Testing Agency द्वारा करवाई जाती है।

Rajasthan SOG को एक हस्तलिखित guess paper मिला जिसके 120 सवाल असली NEET paper से बिल्कुल मेल खाते थे — जिनमें 90 Biology और 30 Chemistry के सवाल थे। यानी परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों को सवाल पता थे जो कि पूरी तरह से बेईमानी और धोख था।

Rajasthan SOG ने इस paper leak के मास्टरमाइंड Manish Yadav और Rakesh Mandavriya को गिरफ्तार किया। एक NEET उम्मीदवार के परिवार के सदस्य को भी हिरासत में लिया गया। मतलब यह एक संगठित साजिश थी जिसमें कई लोग शामिल थे।

NTA ने कहा कि परीक्षा रद्द करने का फैसला छात्रों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर भरोसे को बनाए रखने के लिए लिया गया। यह फैसला केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर लिया गया।

सरकार ने paper leak के आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामला CBI को सौंप दिया और NTA ने कहा कि वो CBI को पूरा सहयोग देगी — सभी दस्तावेज़, records और ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। CBI इसलिए क्योंकि यह मामला एक राज्य तक सीमित नहीं था बल्कि पूरे देश से जुड़ा था।

Re-exam के लिए छात्रों को नया registration नहीं करना होगा। पहले भरा हुआ registration, candidature और exam centre सब carry forward होगा। कोई extra fee नहीं लगेगी और पहले दी गई fees वापस की जाएगी। नया admit card जारी किया जाएगा। Re-exam जून 202 में होने की संभावना है।

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vinod Jakhar ने कहा — “आज उन लोगों का भविष्य बेचा गया जिन्होंने पूरी ईमानदारी से तैयारी की। NTA पर बैन लगाया जाए और जांच Supreme Court की निगरानी में हो।”

Rahul Gandhi ने कहा — “यह सिर्फ विफलता नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के खिलाफ अपराध है। हर बार paper mafia बच जाता है और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं।”

यह पूरा मामला सिर्फ एक परीक्षा रद्द होने की बात नहीं है। 22 लाख मेहनती छात्रों का भविष्य दांव पर है जिन्होंने सालों तक रात-दिन पढ़ाई की। यह घटना हमारी शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है कि आखिर कब तक बेईमान लोग ईमानदार छात्रों का हक छीनते रहेंगे?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here