PM मोदी की सोना न खरीदने की अपील : क्यों और क्या होगा असर

PM मोदी ने देशवासियों से अपलि की कि “राष्ट्रीय हित में एक साल तक सोना न खरीदे।” साथ ही सरकार ने सोने पर Import Duty भी दोगुनी कर दी है।

विपक्ष ने इस अपील का विरोध किया और सवाल उठाए । छोटे जौहरी, सुनार और कारीगर जो सोने के कारोबार पर निर्भर हैं, उन्हें नुकसान की चिंता है।

PM मोदी ने 11 मई 2026 को हैदराबाद रैली में यह अपील की। 13 मई 2026 को Import Duty 6% 15% तक कर दी गई।

PM मोदी की इस अपील के बाद पूरे भारत पर इसका असर पड़‌ रहा है।

भारत ने FY26 में $72 अरब का सोना आयात किया जो पूरे Import bill का 9% है, विदेशी मुद्रा भण्डार $ 728 अरब से गिरकर $690, अरब हो गया | Current account deficit $13.17 अरब तक पहुच गया।

इसके साथ Middle East में तनाव की वजह से तेल की कीमतें बढ़ रही है जिससे रुपये पर दवाव है।

PM मोदी ने अपील जरिए जनता से खुद सोना न खरीदने का संकल्प लेने को कहा है।

11 मई 2026 को PM मोदी ने हैदराबाद में एक रैली के दौरान देशवशीओ से अपील की कि राष्ट्रहित में हम सबको 1 साल तक सोना नहीं खरीदना है। इस अपील के बाद पूरे देश में बहस छिड़ गई । 13 मई 2026 को सरकार ने सोने की import duty को 6% -से 15% तक बड़ा दिया है।

भारत ने FY26 में पूरे $72 अरब का सोना विदेश से मंगवाया – जो. पिछले साल से 24% ज्यादा है, यह पूरे Import billका 9% हिस्सा है, और केवल Crude oil के बाद दू‌सरा सबसे बड़ा आयात है।

इसका मतलब भारत सोने पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रहा है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फरवरी 2026 में $728 अरब के शिखर पर था, लेकिन मई 2026 तक यह गिरकर $690 अरब पर आ गया- यानी सिर्फ कुछ महीनो में $38 अरब की गिरावट

2026 में पहली बार भारत के नागरिको ने गहनों से ज्यादा निवेश के लिए सोना खरीदा
मार्च में निवेश की मांग 54% बढ़कर 82 टन हो गई जबकि Jewellery Demand 20% घटकर 66 टन रह गई |

सोना ETFs में निवेश 186% बढ़ा और कुल सोने की मांग की कीमत लगभग दोगुनी होकर $25 अरब तक पहुंच गई।

सरकार का कहना है कि यह एक एहतियाती आर्थिक रणनीति है।

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