तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने संनातन धर्म को “समाप्त” करने की बात कही, इसे समाज को बांटने वाला कहा। उदयनिधि स्टालिन (DMK नेता, पूर्व मंत्री, अब LoP), स्टालिन परिवार से हैं। 12 मई 2026 को,तमिलनाडु चेन्नई मे हालिया पहली विधानसभा मे यह स्पीच दी।
द्रविड़ विचारधारा से प्रेरित, जाति व्यवस्था और सामाजिक असमानता से जोड़कर; 2023 के बयान का दोहराव किया।
पहली विधानसभा भाषण में खुलेआम बयान दिया, जिससे राष्ट्रीय विवाद छिड़ गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं मिली। उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में अपनी पहली बड़ी स्पीच में सनातन धर्म पर तीखा बयान दिया।
उन्होंने सीधे कहा – “सनातनम, जो लोगों को बांटता है, उसे खत्म कर देना चाहिए।” ये उनका पुराना 2023 वाला स्टैंड था (तब उन्होंने इसकी तुलना डेंगू-मलेरिया की थी), लेकिन अब विधानसभा में खुलकर बोले। द्रविड़ विचारधारा से जोड़कर जाति व्यवस्था और असमानता की बात की। बीजेपी ने तुरंत हमला बोला, इसे “हिंदू धर्म पर जहर” बताया। उनके नेता CR केसवन ने कहा ये “तमिलनाडु का राहुल गांधी” है जो नफरत फैला रहा।
सोशल मीडिया पर हंगामा कर रहे हैं, हिंदू संगठन भड़क गए।
उदयनिधि DMK के बड़े नेता हैं, स्टालिन परिवार से (एमके स्टालिन के बेटे)। पहले मंत्री थे, अब विपक्ष के लीडर (LoP)। चेन्नई वाली असेंबली में( CM विजय ) के सामने ये बोले। DMK की पुरानी लाइन दोहराई, राजनीति गरम हो गई।










