क्या है SIR और क्या आपका नाम इस लिस्ट में सुरक्षित है?

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण Special Intensive Revision यानी SIR का काम रिकॉर्ड समय में लगभग पूरा कर लिया है। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी और सिर्फ 20 दिनों में 99 प्रतिशत घर-घर सर्वे संपन्न कर लिया गया है।

SIR क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

आम तौर पर चुनाव आयोग मतदाता सूची को निरंतर अपडेट करता है, जिसमें सिर्फ नए नाम जोड़े जाते हैं या गलत नाम हटाए जाते हैं। लेकिन SIR एक अलग और गंभीर प्रक्रिया है। जब किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में ज्यादा गड़बड़ियाँ पाई जाती हैं, डुप्लीकेट एंट्री बढ़ जाती हैं या किसी बड़े चुनाव से पहले पूरी सूची को फिर से चेक करना जरूरी हो जाता है, तब आयोग शून्य से नया मतदाता रजिस्टर तैयार करता है।

इस प्रक्रिया में पुरानी मतदाता सूची को आधार नहीं माना जाता। अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं, हर जानकारी का शारीरिक सत्यापन करते हैं और फिर सभी डेटा को डिजिटाइज करके एक बिल्कुल नई मतदाता सूची तैयार की जाती है। इसका लक्ष्य है कि एक भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी फर्जी या अवैध नाम सूची में बरकरार न रहे।

रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ सर्वे

ECI के अनुसार SIR के तहत 50.97 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाना था। इसमें से 50.50 करोड़ से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत है। कुछ प्रदेशों ने इस प्रक्रिया में शानदार प्रदर्शन किया है।

सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य और क्षेत्र

• गोवा और लक्षद्वीप – 100 प्रतिशत कवरेज

• अंडमान-निकोबार – 99 प्रतिशत

• मध्य प्रदेश – 99 प्रतिशत

• पश्चिम बंगाल – 99 प्रतिशत

• उत्तर प्रदेश – 15 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाला राज्य होने के बावजूद 99 प्रतिशत सर्वे पूरा

डिजिटाइजेशन की रफ्तार धीमी

घर-घर सर्वे तेजी से पूरा हुआ, लेकिन डाटा को ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया उतनी तेज नहीं रही। 12 राज्यों में डेटा डिजिटाइजेशन की स्थिति इस प्रकार है:

• लक्षद्वीप – 97 प्रतिशत

• गोवा – 76 प्रतिशत

• केरल – 23 प्रतिशत

• उत्तर प्रदेश – 26 प्रतिशत

कई राज्यों में धीमी गति के पीछे तकनीकी समस्याएँ और मानव संसाधन की कमी प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

ECI का उद्देश्य – मतदाता सूची में पूर्ण पारदर्शिता

चुनाव आयोग का मानना है कि SIR से तैयार की जा रही नई मतदाता सूची आगामी चुनावों की पारदर्शिता को मजबूत करेगी। आयोग स्पष्ट करना चाहता है कि मतदान का अधिकार किसी भी पात्र नागरिक से छूटना नहीं चाहिए और साथ ही कोई भी अवैध मतदाता सूची में न रह पाए। SIR को इसी दृष्टिकोण से एक बड़ी सुधार पहल माना जा रहा है।

मतदाताओं के लिए जरूरी सलाह

SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसलिए सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी प्रविष्टि ऑनलाइन चेक करें, आवश्यकता होने पर BLO से संपर्क करें और यदि नाम सूची में नहीं दिखे तो तुरंत फॉर्म 6 भरकर अपना नाम दर्ज करवाएँ। समय रहते की गई यह सावधानी आने वाले चुनावों में आपके मतदान अधिकार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

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